MTV Splitsvilla 16 का 34वां एपिसोड सिर्फ एक रियलिटी शो नहीं, बल्कि ड्रामा और बचकाने व्यवहार का एक ऐसा कचरा है जिसे देखने के बाद आपको अपनी बुद्धि पर तरस आएगा। क्या हम सच में इतने नीचे गिर चुके हैं कि हमें इस तरह के नकली रिश्तों और स्क्रिप्टेड लड़ाइयों को 'मनोरंजन' कहना पड़ रहा है?
ड्रामा के नाम पर परोसा जा रहा सड़ा हुआ कंटेंट MTV
Splitsvilla 16 का 34वां एपिसोड इस बात का जीता-जागता सबूत है कि भारतीय रियलिटी टीवी अपनी सबसे निचली सतह पर पहुंच चुका है। जब आप इस एपिसोड को देखते हैं, तो आपको एहसास होता है कि यहाँ प्यार ढूंढने का दावा करने वाले लोग असल में केवल कैमरे के सामने लाइमलाइट बटोरने के लिए एक-दूसरे को नीचा दिखाने की होड़ में लगे हैं। यह शो अब रोमांस के बारे में नहीं है, यह केवल इस बारे में है कि कौन सबसे ज्यादा शोर मचा सकता है और कौन सबसे घटिया तरीके से अपनी गरिमा खो सकता है। दर्शकों को यह समझना होगा कि यह सब कुछ पूरी तरह से बनावटी है। शो के निर्माता जानते हैं कि दर्शक जितना अधिक शोर और झगड़ा देखेंगे, उतना ही उन्हें टीआरपी मिलेगी। 34वें एपिसोड में जिस तरह से कंटेस्टेंट्स ने एक-दूसरे पर कीचड़ उछाला, वह किसी भी समझदार इंसान के लिए सिरदर्द से कम नहीं है। यह मनोरंजन नहीं है, यह मानसिक प्रदूषण है जिसे हम अपनी स्क्रीन पर बड़े चाव से देख रहे हैं।
कंटेस्टेंट्स का बचकाना व्यवहार और खोया हुआ वजूद इस शो के कंटेस्टेंट्स की हरकतें देखकर ऐसा लगता है जैसे हम किसी स्कूल के प्लेग्राउंड में हैं, न कि किसी प्रोफेशनल रियलिटी शो में। 34वें एपिसोड में जिस तरह की भाषा और व्यवहार का प्रदर्शन किया गया, वह यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या इन लोगों को कैमरे के सामने अपनी इमेज की बिल्कुल भी परवाह नहीं है। लोग अपनी हरकतों से खुद को मशहूर बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हकीकत में वे केवल अपनी इमेज को मिट्टी में मिला रहे हैं। - हर बात पर चिल्लाना और शोर मचाना एक रणनीति बन चुकी है। - रिश्तों को एक खेल की तरह इस्तेमाल करना अब एक ट्रेंड है। - सहानुभूति पाने के लिए रोने-धोने का ड्रामा हर एपिसोड का हिस्सा है। - अपनी बात मनवाने के लिए बदतमीजी को 'बोल्डनेस' का नाम दिया जा रहा है।
स्क्रिप्टेड लड़ाइयां और दर्शकों की मजबूरी क्या आपको सच में लगता है कि ये लड़ाइयां अचानक होती हैं? 34वें एपिसोड के हर मोड़ पर यह साफ झलकता है कि सब कुछ पहले से तय है। जब कंटेस्टेंट्स को पता होता है कि कैमरा उन पर है, तो वे अपनी पर्सनैलिटी को बदल लेते हैं ताकि वे ज्यादा 'मसालेदार' दिख सकें। यह सब एक बड़ा झूठ है, और हम दर्शक इस झूठ को सच मानकर अपना कीमती समय बर्बाद कर रहे हैं। हमें यह पूछना चाहिए कि क्या हमें वाकई ऐसे कंटेंट की जरूरत है? क्या मनोरंजन का मतलब केवल गाली-गलौज और एक-दूसरे के खिलाफ साजिशें रचना ही रह गया है? जब तक हम इस तरह के शो को देखना बंद नहीं करेंगे, तब तक निर्माता हमें इसी तरह का कचरा परोसते रहेंगे। यह समय है कि हम बेहतर कंटेंट की मांग करें और इस तरह के 'रियलिटी' शो के ढकोसले को पहचानें।
निष्कर्ष: इस कचरे को देखना बंद करें अंत में, MTV
Splitsvilla 16 का 34वां एपिसोड केवल एक और उदाहरण है कि कैसे टीवी इंडस्ट्री दर्शकों की बुद्धिमत्ता का अपमान कर रही है। अगर आप अपने मनोरंजन के लिए कुछ बेहतर ढूंढ रहे हैं, तो यह शो आपकी लिस्ट में सबसे आखिरी में होना चाहिए। यह शो न केवल आपका समय बर्बाद करता है, बल्कि यह समाज में गलत व्यवहार को बढ़ावा भी देता है। अगली बार जब आप टीवी चालू करें, तो खुद से पूछें कि क्या आप वास्तव में इस तरह के ड्रामे के हकदार हैं? मेरा जवाब तो साफ है: नहीं। हमें इस तरह के शो को पूरी तरह से नकार देना चाहिए ताकि निर्माता समझ सकें कि दर्शक अब और अधिक मूर्ख नहीं बनने वाले हैं।